पूर्व मंत्री व भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा है कि अति पिछड़े भाजपा के पक्ष में पूरी तरह एकजुट हो चुके हैं। अति पिछड़ों की एकजुटता ही भाजपा को प्रदेश में बहुमत दिलाएगी।
उन्होंने कहा है कि भाजपा वास्तव में लोकतांत्रिक दल है और इसमें विचारों की राजनीति होती है। बोले-सपा-बसपा ने हमेशा पिछड़ों को छला है, उन्हें अबकी सबक सिखाने का मौका है। भाजपा ने उन्हें हर दो विधानसभा पर एक पिछड़ा वर्ग सम्मेलन करने की जिम्मेदारी दी थी। यह सम्मेलन 6 नवम्बर से शुरू और 24 दिसंबर को खत्म हुए। मंगलवार को लखनऊ में उन्होंने पिछड़ा वर्ग सम्मेलनों की बाबत बातचीत की।सपा-बसपा ने पिछड़ों को हमेशा छला श्री मौर्य ने कहा कि समाजवादी पार्टी के
प्रमुख मुलायम सिंह ने पिछड़ों की दुहाई देकर उनके वोट तो हासिल कर लिए, सरकार बनाने के बाद उन्हें दरकिनार कर दिया। इसी तरह बसपा की प्रमुख मायावती ने लोकलुभावन नारों के साथ पिछड़ों के वोट तो लिए, लेकिन बाद में दगा कर गईं और थैलीशाहों के हाथों खेलती रह गईं।
भाजपा के मुख्यमंत्री चाहे मध्य प्रदेश में हो या छत्तीसगढ़ में सभी पिछड़ी जातियों के हैं। भाजपा में अब पहले जैसा माहौल नहीं रहा। मेरे पार्टी छोड़ने के बाद बसपा तीसरे पायदान परस्वामी प्रसाद ने बसपा प्रमुख पर आरोप लगाया कि उन्होंने डा. भीमराव अम्बेडकर के मिशन को चकनाचूर किया। इसके साथ कांशाराम भी पिछड़ों के सम्मान, स्वाभिमान और हिस्सेदारी लेकर ताउम्र संघर्ष करते रहे लेकिन मायावती ने कांशीराम के विचारों को भी त्याग दिया। उन्होंने कहा कि उनके पार्टी छोड़ने के बाद बसपा तीसरे पायदान पर आ गई है।
भाजपा में काफी सहज महसूस कर रहा हूंश्री मौर्य ने कहा कि बसपा की तुलना में भाजपा में काफी सहज महसूस कर रहे हैं। बोले-यहां पार्टी में लोकतंत्र है। कोई दवाब नहीं है। पार्टी जहां कार्यक्रम लगाती है, वहां जाता हूं। भाजपा मुख्यालय पर जाने के बाबत उन्होंने कहा कि बिना जरूरत कुर्ता लहराने की न उनकी आदत है और न चाहत।
बसपा प्रमुख के सभी खातों की जांच हों
स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि बसपा के नई दिल्ली स्थित बैंक खाते में 104 करोड़ रुपये पाए जाना उनकी अकूत संपत्ति का एक फीसदी भी नहीं है। उन्होंने आयकर और ईडी से बसपा प्रमुख और उनके संबंधियों के सभी खातों की जांच की मांग की है।
उन्होंने कहा है कि भाजपा वास्तव में लोकतांत्रिक दल है और इसमें विचारों की राजनीति होती है। बोले-सपा-बसपा ने हमेशा पिछड़ों को छला है, उन्हें अबकी सबक सिखाने का मौका है। भाजपा ने उन्हें हर दो विधानसभा पर एक पिछड़ा वर्ग सम्मेलन करने की जिम्मेदारी दी थी। यह सम्मेलन 6 नवम्बर से शुरू और 24 दिसंबर को खत्म हुए। मंगलवार को लखनऊ में उन्होंने पिछड़ा वर्ग सम्मेलनों की बाबत बातचीत की।सपा-बसपा ने पिछड़ों को हमेशा छला श्री मौर्य ने कहा कि समाजवादी पार्टी के
प्रमुख मुलायम सिंह ने पिछड़ों की दुहाई देकर उनके वोट तो हासिल कर लिए, सरकार बनाने के बाद उन्हें दरकिनार कर दिया। इसी तरह बसपा की प्रमुख मायावती ने लोकलुभावन नारों के साथ पिछड़ों के वोट तो लिए, लेकिन बाद में दगा कर गईं और थैलीशाहों के हाथों खेलती रह गईं।
भाजपा के मुख्यमंत्री चाहे मध्य प्रदेश में हो या छत्तीसगढ़ में सभी पिछड़ी जातियों के हैं। भाजपा में अब पहले जैसा माहौल नहीं रहा। मेरे पार्टी छोड़ने के बाद बसपा तीसरे पायदान परस्वामी प्रसाद ने बसपा प्रमुख पर आरोप लगाया कि उन्होंने डा. भीमराव अम्बेडकर के मिशन को चकनाचूर किया। इसके साथ कांशाराम भी पिछड़ों के सम्मान, स्वाभिमान और हिस्सेदारी लेकर ताउम्र संघर्ष करते रहे लेकिन मायावती ने कांशीराम के विचारों को भी त्याग दिया। उन्होंने कहा कि उनके पार्टी छोड़ने के बाद बसपा तीसरे पायदान पर आ गई है।
भाजपा में काफी सहज महसूस कर रहा हूंश्री मौर्य ने कहा कि बसपा की तुलना में भाजपा में काफी सहज महसूस कर रहे हैं। बोले-यहां पार्टी में लोकतंत्र है। कोई दवाब नहीं है। पार्टी जहां कार्यक्रम लगाती है, वहां जाता हूं। भाजपा मुख्यालय पर जाने के बाबत उन्होंने कहा कि बिना जरूरत कुर्ता लहराने की न उनकी आदत है और न चाहत।
बसपा प्रमुख के सभी खातों की जांच हों
स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि बसपा के नई दिल्ली स्थित बैंक खाते में 104 करोड़ रुपये पाए जाना उनकी अकूत संपत्ति का एक फीसदी भी नहीं है। उन्होंने आयकर और ईडी से बसपा प्रमुख और उनके संबंधियों के सभी खातों की जांच की मांग की है।
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