1993 में सपा और बसपा ने मिल कर सरकार बनाई थी। 1995 आते-आते दोनों पार्टियों के बीच संबंध खराब हो गए। बसपा के कई विधायक सपा के करीबी हो गए थे। इस खींचतान से खफा मायावती लखनऊ गेस्ट हाउस में समर्थन वापसी की तैयारियां कर रही थीं कि तभी सपा समर्थकों ने गेस्ट हाउस पर हमला कर दिया।
बताया जाता है कि इस दौरान मायावती के साथ काफी अभद्रता की गई थी। मायावती ने कुछ अन्य विधायकों के साथ खुद को कमरे में बंद कर लिया था जबकि भीड़ ने दरवाजा तोड़ने की भी कोशिश की थी। कहा जाता है कि अगर भाजपा के कुछ कार्यकर्ता और पुलिस समय पर नहीं पहुंचते तो कोई बड़ी घटना भी हो सकती थी। 2 जून 1995 को घटी इस घटना ने सपा और बसपा के बीच जो खाई बनाई वह शायद ही कभी भर पाएगी।
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