हाथरस विधान सभा
पुरुष मतदाता -2,10,825
महिला मतदाता- 1,70,819
कुल मतदाता- 3,81,649
जिले की हाथरस विधान सभा सुरक्षित है। वर्ष 2012 के चुनाव से पहले ये सुरक्षित थी। लगातार तीन बार रामवीर उपाध्याय यहां से विधायक रहे। इसी सीट से पहली बार जीतने के बाद वह ऊर्जा मंत्री, परिवहन मंत्री रहे। वर्ष 2012 में भी बसपा के गेंदालाल जीते। वर्तमान में बसपा ने गेंदालाल को फिर से प्रत्याशी बनाने से इंकार कर दिया है। बसपा के पुराने सिपाही जिला पंचायत सदस्य बृजमोहन राही को टिकट दिया गया है। भाजपा, कांगे्रस, रालोद से कोई प्रत्याशी घोषित नहीं है। सपा ने यहां से 2012 में प्रत्याशी रहे और तीसरे नंबर पर आए रामनारायन काके को पहले टिकट दी थी। मुलायम परिवार में घमासान के दौरान काके की टिकट काटकर 90 के दशक में लोक सभा चुनाव लड़ चुके मूलचन्द निम को सपा प्रत्याशी बनाया गया है।
हाथरस में 2017 चुनाव के लिए दावेदार-प्रत्याशी
सपा के घोषित प्रत्याशी-- मूलचन्द निम
भाजपा से प्रमुख दावेदार-- पूर्व विधायक हरीशंकर माहौर, हाथरस पालिका नगर पालिका चेयरमैन प्रतिनिधि-- वासुदेव माहौर, रामवीर सिंह भइयाजी, विनोद चैधरी, संध्या आर्य, नंदिनी देवी।
कांग्रेस से प्रमुख दावेदार-- राजेश राज जीवन, बलवीर सिंह सूर्यवंशी, अनुज संत, योगेश कुमार ओके, राजपाल सिंह पुनियां।
रालोद से प्रमुख दावेदार--पूर्व विधायक रमेश करन, महेन्द्र सिंह धनगर
वर्ष 2012 हाथरस में चुनावी स्थिति
गेंदालाल चैधरी, बसपा, जीते। वोट मिले-59, 161
मुख्य प्रतिद्विंद्वी--राजेश दिवाकर, भाजपा। वोट मिले-50, 488
जीत का अंतर-- 8673 (4.23 प्रतिशत)
सादाबाद विधान सभा
पुरुष मतदाता--1,91,711
महिला मतदाता--1,46,335
कुल मतदाता--3,38,104
हाथरस जिले में हाथरस(सदर), सिकंदराराऊ और सादाबाद कुल तीन विधान सभा सीटें हैं। सिर्फ सादाबाद विधान सभा क्षेत्र से सपा के देवेन्द्र अग्रवाल वैश्य समाज से विधायक हैं। जाट बाहुल्य इस सीट पर सपा की लखनऊ में चल रही कलह का असर जरूर पड़ेगा। पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय के बसपा से चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद से भी यह सीट सपा से फिसलती नजर आ रही है। संख्या के लिहाज से वैश्य समाज का वोट इस सीट पर जाट, ब्राह्मण, बघेल के बाद ही आता है।
सादाबाद में 2017 चुनाव के लिए दावेदार-प्रत्याशी
बसपा से प्रत्याशी--पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय।
सपा से प्रमुख दावेदार--वर्तमान विधायक देवेन्द्र अग्रवाल।
भाजपा से प्रमुख दावेदार--चैधरी रामकुमार वर्मा, प्रीति चैधरी, सुभाष चैधरी, कप्तार्न ंसह ठेनुआं, मुन्ना प्रधान, सुनील गौतम, हरमेश गौतम,
कांग्रेस से प्रमुख दावेदार--शरद उपाध्याय नंदा, केशवदेव चतुर्वेदी, सत्यप्रकाश रंगीला, ब्रह्मदेव शर्मा।
रालोद से प्रमुख दावेदार--पूर्व विधायक डॉ. अनिल चैधरी, पूर्व विधायक प्रताप चैधरी, प्रदी कुमार गुड्डू चैधरी, गिरेन्द्र चैधरी,इशांत चैधरी।
वर्ष 2012 में सादाबाद में चुनावी स्थिति
देवेन्द्र अग्रवाल, सपा,जीते। वोट मिले- 63, 741
मुख्य प्रतिद्विंद्वी- सत्येन्द्र शर्मा, बसपा। वोट मिले- 57554
जीत का अंतर रू 5,187(2.75 प्रतिशत)
सिकंदराराऊ विधान सभा
पुरुष मतदाता-- 1,89,363
महिला मतदाता--1,52,992
कुल मतदाता-3,42,366
ठाकुर बाहुल्य इस सीट पर वर्तमान में विधान सभा की लोक लेखा समिति के सभापति व पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय विधायक हैं। वर्ष 2012 के चुनाव में वह पहली बार सिकंदराराऊ से लड़े थे। सपा प्रत्याशी यशपाल सिंह चैहान से उनकी कांटे की टक्कर हुई थी। महज एक हजार वोटों से रामवीर उपाध्याय चुनाव जीत पाए थे। यही कारण रहा कि उन्होंने इस सीट को छोड़ना बेहतर समझा। बसपा ने यहां पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ओमवती बघेल के पति बनी सिंह बघेल को प्रत्याशी बनाया है। सपा ने वर्ष 2012 में यशपाल को लड़ाया था। इस बार भी उन पर दांव लगाया है। यशपाल पूर्व में भाजपा से विधायक रह चुके हैं। यहां से सपा के पूर्व एमएलसी डॉ. राकेश सिंह राना भी चुनाव लड़ने के लिए पिछले छह सात साल से प्रयास कर रहे हैं।
सिकंदराराऊ में 2017 चुनाव के लिए दावेदार-प्रत्याशी
सपा से घोषित उम्मीदवार-पूर्व विधायक यशपाल सिंह चैहान।
बसपा से घोषित उम्मीदवार- पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के पति बर्नी सह बघेल।
भाजपा से प्रमुख दावेदार-ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो.एसपी सिंह बघेल की पत्नी मधु बघेल, पूर्व जिलाध्यक्ष वीएस राना, कुसुमा देवी मदनावत, बृजेश चैहान, डॉ. राजीव सिंह, नरेन्द्र सिंह चैहान।
कांग्रेस से प्रमुख दावेदार-- ब्रह्मदेव शर्मा, जगतवर्ती पाठक, आरके राजू, सत्यप्रकाश रंगीला, वीना गुप्ता।
रालोद से प्रमुख दावेदार-- सिकंदराराऊ में वोट बैंक नहीं होने के चलते प्रत्याशी की चर्चा नहीं।
वर्ष 2012 में सिकंदराराऊ में चुनावी स्थिति
रामवीर उपाध्याय, बसपा, जीते। वोट मिले- 94, 471
मुख्य प्रतिद्विंद्वी-- यशपाल सिंह चैहान, सपा। वोट मिले- 93, 408
जीत का अंतर 1063 वोट,(0.52 प्रतिशत)

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