विधानसभा चुनाव के लिए 401 सीटों पर सबसे पहले प्रत्याशी घोषित कर प्रतिद्वंद्वी दलों पर बढ़त बना चुकी बसपा प्रचार की रणनीति तय करने में लगी हैं। पार्टी अपनी मुखिया मायावती की चुनावी सभाओं को अंतिम रूप दे रही है।
अब तक मिल रहे संकेतों के मुताबिक बसपा अध्यक्ष पश्चिमी उत्तर प्रदेश से चुनाव प्रचार शुरू करेंगी। हर बार की तरह मायावती प्रत्याशियों के पक्ष में जिलों में एक-एक सभा करेंगी। अलबत्ता कम विधानसभा सीटों वाले छोटे जिलों की उससे लगे बड़े जिले में संयुक्त सभा कर सकती हैं। करीब पांच दर्जन चुनावी सभा करने की संभावना है।
बसपा सोनभद्र की दो विधानसभा सीटों को छोड़ कर बाकी सभी सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। प्रत्याशियों की सूची जारी करने के बाद पार्टी आगे की रणनीति को धार देने में लग गई है। बसपा अध्यक्ष मायावती अपनी पार्टी की एकमात्र स्टार प्रचारक हैं। किसी भी चुनाव में उनकी सभा पार्टी प्रत्याशी के लिए मायने रखती है। यही कारण है कि बसपा अध्यक्ष की प्रत्याशियों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ बीते दो दिन लगातार चली बैठक में प्रत्याशियों के पक्ष में होने वाली पार्टी मुखिया की सभाओं पर भी चर्चा हुई।
इस बार मायावती मेरठ या मुजफ्फरनगर से चुनाव प्रचार शुरू कर सकती हैं। कारण, अगस्त-सितंबर में मायावती ने प्रदेश में जो चार मंडलीय रैलियां की थी, उनमें आगरा और सहारनपुर शामिल था। सुरक्षा और अन्य कारणों से चुनावी सभा का मंच आदि की व्यवस्था का जिम्मा प्रदेश कार्यालय पर होगा। सब लखनऊ से होगा। बसपा अध्यक्ष के अलावा पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चन्द्र मिश्र, विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी, प्रदेश अध्यक्ष राम अचल राजभर समेत दूसरे नेता भी चुनावी सभाएं करेंगे।